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आदिवासियों की आस्था और क्षेत्र की विकास में बाधक बनने वाले अधिकारियों पर एफआईआर हो – गागड़ा

बीजापुर – कागजों वाली विकास थमने का नाम नही ले रहा,मामला इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र पामेड़ अभ्यारण की है जहां आदिवासियों की आस्था देवगुड़ी और चारागाह कागज में बनकर तैयार हो गया अधिकारियों ने ऑफिस में बैठ भौतिक सत्यापन कर दिया यही नहीं लाखों रुपये आहरण भी किया गया इस पर अब भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य फूलचंद गागड़ा ने एफआईआर कर कार्यवाही करने की मांग की है।
फूलचंद गागड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि पामेड़ अभ्यारण क्षेत्र कंवरगट्टा में चारागाह व इसी अभ्यारण क्षेत्र में देवगुड़ी बनाया जाना था जिसमे भारी भ्रष्टाचार होने की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त हुआ। जिसके बाद आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेज और भौतिक सत्यापन से यह बात स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कोई चारागाह बना और न ही देवगुड़ी लेकिन संबंधित रेंज के अधिकारियों ने कार्य पूर्ण बताकर पूरी राशि आहरण कर लिया।
गागड़ा ने आगे कहा है कि चारागाह के लिए 3 लाख 31 हजार 284 रुपया और देवगुड़ी के नाम पर लगभग 10 लाख रुपये का आहरण विधिवत तरीके से किया गया है। वहीं इस खेल के लिए बाकायदा फर्जी मस्टररोल,फर्जी मजदूरों की एंट्री व ऑफिस बैठे भौतिक सत्यापन अधिकारियों द्वारा किया गया है जो की इस तरह का कृत्य दुर्भाग्यपूर्ण है। गागड़ा ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि जिस तरीके से आदिवासियों के आस्था देवगुड़ी और जिले की विकास में ऐसे बाधक बनने वाले अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करते हुए उचित कार्यवाही करें। चूंकि बगैर देवगुड़ी,चारागाह बने अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन कैसे किया जबकि स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार सम्बंधित स्थान पर किसी भी प्रकार का कोई कार्य नही हुआ है बावजूद सरकारी राशि का दोहन गंभीर कृत्य है। साथ ही फूलचंद ने यह भी कहा कि आज जिले में छोटी बड़ी कार्यों के लिए राजनीतिक स्वीकृति अनिवार्य हो गया है तो क्या इस घोटाले के खेल में राजनीतिक संरक्षण नही है यह भी एक बड़ा विषय है।
भाजयुमों नेता फूलचंद गागड़ा ने इस मामले पर जिला प्रशासन से कार्यवाही करने से न हिचकने और इस कृत्य में शामिल सभी अधिकारियों पर उचित कार्यवाही करने की मांग की है।

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